CG Crime News: सरकारी हॉस्टल में 16 साल की छात्रा हुई प्रेग्नेंट, रात में एक चपरासी के जिम्मे थी हॉस्टल की सुरक्षा…अधीक्षिका ने करा दिया गर्भपात, सस्पेंड


CG Crime News:छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सरकारी आवासीय छात्रावास में रहने वाली नाबालिग आदिवासी छात्रा गर्भवती पाई गई, जिसे छात्रावास अधीक्षक ने मामले को दबाने के लिए गर्भपात के लिए घर वापस भेज दिया । आरोप है कि छात्रावास अधीक्षक ने लड़की को परीक्षा में बैठने की भी अनुमति नहीं दी। ग्रामीणों और स्थानीय विधायक विक्रम उसेंडी की शिकायत के आधार पर कांकेर जिला कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने छात्रावास अधीक्षक को निलंबित कर दिया और मामले की जांच के आदेश दिए।

CG Crime News: मिली जानकारी के अनुसार पखांजूर ब्लाॅक के छोटे बेठिया में बीते शुक्रवार 12 जुलाई को विधाायक विक्रम उसेंडी इलाके में दौरे पर पंहुचा था , इस दौरान वहां के ग्रामीणों ने छात्रा की गर्भवती मामले में विधायक से शिकायत की, इस मामले को विधायक ने गंभीरता से लिया, ग्रामीणों ने बताया कि हॉस्टल अधीक्षिका द्वारा छात्राओं के साथ गलत व्यव्हार किया जाता है, हॉस्टल में एक छात्रा गर्भवती हो गई थी, जिसे घर भेजकर जबरदस्ती अबाॅर्शन करवाया गया था ।

वही इस मामले की शिकायत कांकेर के कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर से की गई , कलेक्टर ने पूरे मामले की जाँच की आदेश हुए हाॅस्टल अधीक्षिका विनिता कुजूर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, और उनके स्थान पर कलेक्टर नीलेश कुमार क्षीरसागर ने आदेश जारी कर उक्त कन्या आवासीय विद्यालय छोटेबेठिया के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय छोटेबेठिया की व्याख्याता नेहा सहाडे को आगामी आदेश पर्यन्त तक अधीक्षिका नियुक्त किया है।

अप्रैल की घटना होना बताया जा रहा है, जब छात्रा की पेट अचानक बढ़ने लगी तो अधीक्षिका ने छात्रा के परिजनों को बुलाया और उसे घर ले जाने को कहा , वार्डन के कहने पर उनके परिजनों ने गर्भपात करवा दिया था, छात्रा गर्भवती कैसी हुई फिलहाल इसकी जाँच की जा रही है, वही कांग्रेस ने इस पूरे मामले की जाँच को लेकर जाँच समिति की गठन किया है , जो इस पूरे मामले की जाँच करेगी ।

बताया जा रहा है कि अधीक्षिका गांव में ही घर बनाई है और वो रात में कभी हॉस्टल में नहीं रहती थी, वो सोने के लिए अपने घर चली जाती थी, हॉस्टल एक महिला चपरासी के भरोसे रहता था, जबकि नियमों के मुताबिक उसे यहीं रहना था। इसी तरह की लापरवाहियों के चलते नाबालिक गर्भवती हुई।

वही इस मामले को लेकर पखांजूर एसडीएम अंजोर सिंह पैकरा की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया है, इस जाँच टीम में जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा सीईओ घनश्याम जांगड़े, पखांजूर बीएमओ डॉ डीके सिन्हा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य हेमेंदनी सरकार, शासकीय हाई स्कूल पीवी 32 की प्राचार्य अमिता दास शामिल हैं।

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